
वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज रिपोर्ट

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की सियासत में आज एक नया मोड़ देखने को मिला। राजधानी के पांच सितारा होटल क्लार्क अवध में सोमवार शाम ‘कुटुंब परिवार’ नाम से एक खास बैठक आयोजित हुई, जिसमें करीब 40 विधायक और एमएलसी शामिल हुए। खास बात यह रही कि इसमें अधिकांश नेता क्षत्रिय (ठाकुर) समुदाय से थे, और सत्ता पक्ष के साथ-साथ विपक्ष के भी चेहरे इस मंच पर नजर आए।
इस बैठक के आयोजक बीजेपी एमएलसी जयपाल सिंह व्यस्त और कुंदरकी से बीजेपी विधायक ठाकुर रामवीर सिंह थे। कार्यक्रम में शामिल होने वालों का स्वागत भगवान श्रीराम की मूर्ति, महाराणा प्रताप की तस्वीर और पीतल के बड़े त्रिशूल के उपहार से किया गया। हालांकि आयोजकों ने इसे “सिर्फ़ पारिवारिक मिलन” बताया, लेकिन सियासी गलियारों में इसके मायने शक्ति प्रदर्शन और जातीय एकजुटता के तौर पर निकाले जा रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, सपा के बागी विधायक राकेश प्रताप सिंह और अभय सिंह ने भी पर्दे के पीछे से इस आयोजन में अहम भूमिका निभाई। यही वजह है कि इसमें बीजेपी, सपा, बसपा—तीनों दलों के ठाकुर नेता मौजूद रहे।
बैठक ऐसे समय हुई है जब प्रदेश में बीजेपी के नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति और योगी मंत्रिमंडल के विस्तार की चर्चा तेज है। इस बड़े जुटान को कई लोग राजनीतिक दबाव और भविष्य की रणनीति से जोड़कर देख रहे हैं।
भले ही आयोजक इसे “पारिवारिक मिलन” कह रहे हों, लेकिन राजनीति में हर कदम के मायने होते हैं—और इस बार ठाकुर नेताओं ने एक साथ आकर यूपी की सत्ता के गलियारों में नई खिचड़ी जरूर पकानी शुरू कर दी है।












